बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय 100% Certified दवा।

बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय

बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय जानेंगे। हैलो दोस्तों। स्वागत है। आपका सलूशन डैडी प्लेटफ़ॉर्म पर। और आज हम एक एक ऐसी बीमारी के बारे में बात करेंगे। जो बहुत कॉमन है। और अक्सर लोग इसको पेशाब में जलन (peshab mein jalan) के नाम से जानते हैं। आखिर क्यूँ होती है पेशाब में जलन आज इस लेख में विस्तार से जानेंगे और पेशाब में जलन नाम से प्रचलित इस शब्द का मतलब जानेंगे। आखिर मेडिकल भाषा में इसको क्या कहते हैं। और बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय के बारे में भी जानेंगे।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स क्या है? (Urinary Tract Infection or UTIs)

यूरिनरी सिस्टम के किसी भी अंग में हुए संक्रमण को यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स या UTI या पेशाब में जलन के नाम से जानते हैं। जिसमे हमारे शरीर के यूरिनरी सिस्टम के अंगों में गुर्दा या वृक्क (Kidney), पेशाब की थैली (Bladder), पेशाब की नली (Ureter) और हमरे गुप्तांग की नली जिसे हम युरेथरा (Urethra) भी कहते हैं। शामिल है। महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स सबसे ज्यादा होता है। जो हर वर्ष के अन्तराल में होता रहता है। जबकि यह बीमारी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स पुरुषों में कम होती है। जो दस पुरुषों में से किसी एक को हो सकती है। इस बीमारी में पेशाब जलन के साथ आती है। और कभी कभी बार बार आती है। बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय की बात करें। तो संक्रमित व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। और तरल पदार्थों के सेवन करना चाहिए।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स के प्रकार। (Types of UTIs)

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स को इसके संक्रमण और लक्षणों को देखते हुए UTIs को तीन प्रकार में बनता गया है। जो निम्न लिखित हैं।

  • सिस्टाइटिस (Cystitis)- इस प्रकार के यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स में आपको महसूस होगा। कि आपको बहुत तेज और प्रेशर के साथ पेशाब आई है। और जब आप मूत्र का निष्काशन करने जायेंगे तो यह आपको तेज दर्द और जलन महसूस कराएगी। सिस्टाइटिस में मूत्र का रंग गाढ़ा पीला और धुंधला होता है। और कभी कभी मूत्र के साथ खून भी आता है।
  • पायलोनेफ्राइटिस (Pyelonephritis)- पायलोनेफ्राइटिस आपको आये बुखार और ठण्ड लगने के कारण हो सकता है। जिसमे घबराहट और उलटी होना भी शामिल है। पायलोनेफ्राइटिस में वृक्क में सूजन आ जाती है। जिसका कारण संक्रमण या किडनी स्टोन भी हो सकती है। पुरुषों में अधिक उम्र हो जाने पर उसनके गदूद (Prostate) का साइज़ बढ़ जाता है। जिस कारण पेशाब रुक रुक कर आना। और bar bar peshab aana लगा रहता है।
  • मूत्रमार्गशोथ (Urethritis)- हमारे गुप्तांग में मौजूद नली जिससे मूत्र और वीर्य बाहर आता है। उसको हम Urethra के नाम से जानते हैं। यदि इस नली में संक्रमण या ट्रामा (चोट लगना) हो जाये तो इसमें सूजन आ जाती है। जिसे हम Urethritis कहते हैं। इस प्रकार के यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स में भी मूत्र जलन के साथ आता है। बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय में आपको ऐसे पदार्थों का सेवन करना चाहिए। जिसमे पानी की मात्रा अत्यधिक हो।

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यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स के कारण। (Causes of UTIs)

पेशाब में जलन होना या यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स एक बहुत कॉमन बीमारी है। जो अक्सर लोगों में देखने को मिल जाती है। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स ज्यादातर उन लोगों होता है। जो लोग कम पानी पीते हैं। और इसके पीछे या इसके संक्रमण के लिए कुछ बैक्टीरिया होते हैं। जिसमें Escherichia coli, Klebsiella pneumoniae और Staphylococcus saprophyticus जैसे बैक्टीरिया शामिल हैं। जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा यह बीमारी सबसे ज्यदा महिलाओं में होती है। चूँकि महिलाएं अपने गुप्तांग को सही ढंग से साफ़ न करने की वजह से और पेशाब की नली और गुदा द्वार पास पास होने कि वजह से संक्रमण होने के चांस बढ़ जाते हैं। पुरुषों में सहवास के समय संक्रमण होने के ज्यादा चांस रहते हैं। बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय न करें तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।

बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय और लक्षण

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स के लक्षण। (Symptoms of UTIs)

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के लक्षणों की बात करें। तो सबसे पहले यह लक्षण दर्द और जलन के रूप में दिखाई देते हैं। और लक्षण निम्न लिखित हैं।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स की जांच। (UTI Diagnosis and Tests) 

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स की जांच के लिए चिकित्सक मूत्र की पैथोलॉजी करायी जाती है। जिसको चिकित्सक यूरिन RM या यूरिन कल्चर लिखते हैं। इस जांच से मूत्र में मौजूद बैक्टीरिया की जांच की जाती है। जिससे यह पता चलता है संक्रमण किस बैक्टीरिया के कारण हुआ है। जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का उपचार करने में आसानी होती है। और चिकित्सक सटीक प्रतिजैविक (Antibiotic) देते हैं। अंदरूनी अंगों में संक्रमण की जांच के लिए चिकित्सक अल्ट्रासाउंड (Ultrasound), सी टी स्कैन (C T Scan) और एम आर आई (MRI) जैसी जांचे लिख सकते हैं। बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय न करें। चिकित्सक की सलाह लें।

बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय और अंग्रेजी दवा

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स का उपचार। (Treatments of UTIs)

यदि आपको उपरोक्त लक्षण दिखाई दें। तो सबसे पहले चिकित्सक की सलाह लें। बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय बिलकुल न करें। घरेलू उपाय से कुछ हद तक रहत मिल सकती है। लेकिन प्रॉपर इलाज नहीं होता है। पेशाब में जलन की आयुर्वेदिक दवा भी आती है। लेकिन यह बहुत समय बाद फायदा देती है। पेशाब रुकने का इलाज के इलाज के लिए भी आपको चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। चिकित्सक यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स के लिए आपको कुछ एंटीबायोटिक या प्रतिजैविक लिखते हैं। जिसमे Ofloxacin, Cefixime और अलग एंटीबायोटिक शामिल हैं। बच्चों के लिए पेशाब में जलन syrup भी आते हैं। यह भी anti बायोटिक होते हैं।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स से बचने के सुझाव। (Prevent from UTI)
  • जब भी आपको पेशाब लगे तो पूरी तरह पेशाब करें और अपने ब्लैडर को पूर्ण रूप से खली करें।
  • शौंच के बाद गुप्तांग को अच्छे से धोएं।
  • पर्याप्त मात्र में पानी पियें।
  • सहवास के बाद अंगों को अच्छे से साफ़ करें।
  • समय समय पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
निष्कर्ष

यूरिनरी सिस्टम के किसी भी अंग में हुए संक्रमण को यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स कहते हैं। दोस्तों आशा करता हूँ। आप बार-बार पेशाब आना और जलन होना घरेलू उपाय टॉपिक को अच्छे से समझ गए होंगे। यदि आपका इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो। तो हमसे सम्पर्क करें। ज्यादा जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया पेज को लाइक और फॉलो करें। धन्यबाद।

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