दांत दर्द का मंत्र क्या है? दांत दर्द का 100% Ultimate इलाज।

दांत दर्द का मंत्र और इसके कारण

दांत दर्द का मंत्र दांत दर्द एक बहुत आम समस्या है। जो अक्सर लोगों में देखने को मिल जाती है। दांत दर्द बहुत सारे कारणों की वजह से होता है। हैलो। दोस्तों स्वागत है। आपका Solution Daddy प्लेटफ़ॉर्म पर और आज हम इस लेख में बात करेंगे। दांत दर्द (toothache) के बारे में। जानेंगे दांत दर्द का मंत्र इसके लक्षण और इसके उपचार के बारे में। ज्यदातर लोग दांत दर्द होने पर घरेलु उपचार करने लगते हैं। आज जानेंगे इस लेख में दांत दर्द का नुस्खा काम करता भी या नहीं। और दांत दर्द में फिटकरी का उपयोग कैसा रहता है। पतंजलि में दांत दर्द की दवा है या नहीं है।

दांत दर्द के कारण।

दांत में दर्द होना एक लक्षण है। जो इशारा देता है। इन्फेक्शन या गंदगी का। जो लोग अपने दांतों को निरंतर साफ़ नहीं करते ज्यादा दांत दर्द की समस्या उन लोगों में होती है। जो अपने दांतों को किसी ब्रश या लकड़ी की दातून से साफ़ नहीं करते हैं। और उनके दांतों में गंदगी जमा होना शुरू हो जाती है। जिससे व्यक्ति के दांतों में बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। और व्यक्ति के मुंह में एसिड फैला देते हैं। जिससे व्यक्ति के मुंह में अत्यधिक सड़न की वजह से दुर्गन्ध आने लगती है। जो आगे चल कर पायरिया का रूप ले लेती है। दांत दर्द रोकने के लिए लोग दांत दर्द का एक्यूप्रेशर पॉइंट या घरेलू नुस्खा अजमाते हैं। और इसी को दांत दर्द का मंत्र समझते हैं। जवकि दांत दर्द होने पर एक चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। जो आपको दांत दर्द की टेबलेट नाम लिस्ट में से कुछ दवाएं लिख कर देते हैं। दांत दर्द के कारण निम्नलिखित हैं।

  • दांतों का एनामेल (दांत का बहरी सफ़ेद हिस्सा) कमजोर होना। 

दांतों के उपरी हिस्से को एनामेल कहते हैं। जो बहुत ही ठोस होता है। और चमकदार भी दांत का एनामेल ही भोजन को काटने या पीसने का काम करता है। एनामेल के भीतर के हिस्से को डेंटीन कहते हैं। यदि किसी कारण एनामेल कमजोर हो। जाये जो अक्सर मुह में बने अम्ल के कारण होती है। तो यह सीधे डेंटीन पर असर डालती है। और जिससे अत्याधिक झनझनाहट और तेज दर्द होता है। कभी कभी ठंडा या गर्म पानी भी लगना स्टार्ट हो जाता है।

  • मसूढ़ों में इन्फेक्शन होना। 

मसूढ़ों में इन्फेक्शन होने से मसूढों में से खून आना शुरू हो जाता है। जिससे ओरल कैविटी से बहुत ही दुर्गन्ध आती है। और यह दांतो मे दर्द कारण बनता है। और अन्य रोग का कारण भी बनता है। जो लोग प्रतिदिन ब्रश या दांतों की सफाई नहीं करते हैं। तो उनके दातों में गंदगी जमा होना स्टार्ट हो जाती है और इस गंदगी से मसूढों में सूजन हो जाती है। और दांत दर्द या ओरल कैविटी में दर्द शुरू हो जाता है। रोजाना दांत की सफाई ही दांत दर्द का मंत्र है।

  • अक्कड़ दाढ़। (Wisdom Teeth)

बच्चो में जब दांत निकलना शुरू होते हैं। तो बच्चो को बहुत दर्द होता है इनमे निकलने बाले दांत इन्सिजर, कैनाइन, प्रीमोलर और मोलर होते हैं। जब यह सरे दांत निकल जाते (उग जाते) हैं। बाद में किशोरावस्था या युवा अवस्था में अक्कड़ दाढ़ निकलती है। जिसे विशडम टीथ कहते हैं। यह दांत उगने के लिए काफी समय लेते हैं। और जब इनकी crowning होती है तो बहुत दर्द होता है। इसके लिए डॉक्टर्स दांत दर्द की टेबलेट नाम लिस्ट में से कुछ दवाएं देते हैं। और यही दांत दर्द का मंत्र है।

  • ट्रामा (ओरल कैविटी में चोट लगना)

किसी दुर्घटना से या और किन्ही कारणों से ओरल कैविटी में चोट लग जाने से भी दांत दर्द करने लगते हैं। इस स्तिथि में फ़ौरन डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर आपकी स्तिथि को देखकर X ray  भी लिख सकते हैं। जिससे आपके दांतों में लगी चोट का अंदाजा लगाया जा सके। यदि ज्यादा गंभीर चोट लग जाये तो ऑपरेशन भी करना पड़ता है।

  • दांत में खली जगह होने से (दांतों में कैविटी होना)

दांतों में गन्दगी होने कारण मुख की लार अम्लीय हो जाती है। जिससे हमारे दांत गलना स्टार्ट हो जाते हैं। और इन दांतों में कैविटी हो जाती है। जिसमे आपके द्वारा चबाये गए भोजन के कुछ छोटे छोटे टुकड़े फास जाते हैं। और सड़ने लगते हैं। जिस वजह से मसूढ़ों में पस या पीप पड़ जाता है। और यह दर्द का कारण बनता है।

दांत दर्द का मंत्र और इसकी दवाई

 

दांत दर्द का इलाज और इसकी दवा।

यदि आप प्रतिदिन अपने दांतों की सफाई नहीं करते हैं। तो आपके दांतों और मसूढ़ों में इन्फेक्शन या कंटैमिनेशन हो जाता है। जिसे आम भाषा में सडन भी कहते हैं। यदि यह अत्यधिक मात्र में हो जाये तो पायरिया जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है। इससे बचने के लिए निरंतर दांतों की सफाई करनी चाहिए। यही दांत दर्द का मंत्र है। यदि आपके दांतों का दर्द फिर भी लगातार बना रहता है। तो आपको एक डॉक्टर (डेंटिस्ट) से सलाह लेना चाहिए। जो आपकी स्तिथि को देखकर निम्नलिखित उपचार दे सकते हैं।

  • रूट कैनाल ट्रीटमेंट। (Root Canal Treatment-RCT)

रूट कैनाल ट्रीटमेंट एक प्रोफेशनल डॉक्टर (डेंटिस्ट) ही कर सकता है। इस प्रोसीजर में दांतों बे बीच में फासी गंदगी या दांत में छेद के अन्दर भरी गंदगी को बहार निकला जाता है। जिसमे मरीज के द्वारा खाए गए भोजन के सड़े हुए टुकड़े और पस या सूजी हुई पल्प शामिल है। चूँकि इस गंदगी के कारण दांत में दर्द होता है। इसलिए इस गंदगी को बहार निकलना जरुरी होता है। एक बार जब यह गंदगी बहार निकल जाती है। उसके बाद दानो के बीच की खली जगह (Cavity) को मसाले के द्वारा भर दिया जाता है। जिससे आगे चलकर उसमे गन्दगी न भरे। और दर्द में राहत मिल जाये इस स्तिथि में डॉक्टर यही सलाह देते हैं। कि दांत दर्द का मंत्र और झाड़ फूँक के चक्कर में न पड़ें।

  • ऑपरेशन। (Operation)

ट्रामा और गंभीर चोट लगने पर ऑपरेशन किया जाता है। जिसमे मरीज के मुख में लगी चोट और टेढ़े मेंढे दांत सीधे और शार्प किये जाते हैं। इस ऑपरेशन को करने के लिए चिकित्सक काफी सारी जांचे करते हैं। जिनमे X-Ray जांच खास है।

दांत दर्द का मंत्र और मेडिसिन

दांत दर्द की दवा। (दांत दर्द की टेबलेट नाम लिस्ट)

दांत दर्द ज्यादा होने पर आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवाई नहीं लेनी चाहिए। दांत दर्द होने पर चिकित्सक निम्नलिखित मेडिसिन्स लिखते हैं।

  • NSAIDs श्रेणी की दवाएं
  • Aspirin
  • Ibuprofen
  • Diclofenac Sodium
  • Aceclofenac
  • Nimusalide
  • Ketorolac
दांत दर्द के घरेलु नुस्खे।

दांत दर्द होने पर आप कुछ दांत दर्द का नुस्खा आजमा सकते हैं। जिसमे सबसे पहले आपको निरंतर दाँतों की सफाई करते रहना चाहिए। और आप दांत के दर्द में लौंग का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। अक्सर लोग पूछते हैं। दांत दर्द में फिटकरी का उपयोग कैसा है? और पतंजलि में दांत दर्द की दवा कौन सी है? इन चीजों का इस्तेमाल दांत के दर्द पर फर्क डालता है। लेकिन बहुत मामूली। यदि आपके दांत में दर्द है तो सबसे पहले आप दर्द होने की वजह खोजें। और किसी चिकित्सक से सलाह लें। दांत दर्द में क्या नहीं खाना चाहिए? दांत दर्द में तरल पदार्थ खाने चाहिए। और ठोस भोजन से बचना चाहिए। यही दांत दर्द का मंत्र है।

निष्कर्ष।

दांत दर्द होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेना चाहिए। और निरंतर दांतों की सफाई करनी चाहिए। यही दांत दर्द का मंत्र है। दोस्तों इस लेख में कुछ अंग्रेजी दवाएं लिखी हैं। जिनको चिकित्सक की सलाह के बिना न लें। यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो अपने दोस्तों से शेयर करें। और इस लेख से सम्बंधित आपका कोई प्रश्न या सुझाव हो तो हमें कमेंट करें। धन्यबाद।

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