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डेंगू के लक्षण, कारण, पहचान, निदान, वचाव, उपचार, सावधानियां

डेंगू के लक्षण

डेंगू के लक्षण: हेलो दोस्तों स्वागत है। आपका सॉल्यूशन डैडी प्लेटफार्म पर। आज हम डेंगू के बारे में बात करेंगे। डेंगू एक ऐसी बीमारी है। जो एक वायरस के द्वारा फैलती है। सीडीसी के अनुसार हर साल 40 करोड लोग डेंगू से संक्रमित होते हैं। जिनमें से लगभग 100 मिलियन लोग संक्रमित होते हैं। और लगभग 22000 लोग डेंगू के चलते गंभीर होकर मर जाते हैं। डेंगू 1 खास प्रजाति के मच्छर के काटने से होता है। जिसका मुख्य वायरस रूप एडिज एइजिप्शि है। जो कि एक मादा मच्छर है। यह मच्छर चिकनगुनिया येलो फीवर और जिका वायरस के भी संक्रमण को फैलाते हैं।

डेंगू क्या है। Dengue in Hindi

डेंगू एक प्रकार की वायरल बीमारी है। जो एक खास तरह की प्रजाति के मच्छर के काटने से होती है। डेंगू वायरस खास तौर पर एडिज एइजिप्शि नामक प्रजाति के मादा मच्छर के द्वारा फैलती है। डेंगू के संक्रमण होने के बाद शरीर में और जोड़ों में बहुत तेज दर्द होता है। इसके अलावा सिर में भी दर्द होता है। साथ ही साथ यह हड्डी तोड़ बुखार का भी कारण बनता है। यदि डेंगू का संक्रमण ज्यादा हो जाए। तो यह रक्तस्त्रावी या डेंगू हेमोरेजिक बुखार का रूप ले लेता है।

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यह डेंगू के लक्षण हैं। जिसके कारण शरीर के कई अंगों में खून का बहाव होने लगता है। जो कि मुख्यता पेट और सर में होता है। डेंगू बीमारी का कोई खास इलाज नहीं है। इसके सिर्फ लक्षणों का ही इलाज किया जाता है। यह बीमारी कुछ एशियाई और लैटिन अमेरिका देशों में गंभीर बीमारी है। और मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। इसके लिए चिकित्सा की कोई खास व्यवस्था नहीं है। और सही चिकित्सा देखभाल गंभीर देख डेंगू को 1 फ़ीसदी कम करती है।

डेंगू के लक्षण1

डेंगू होने के कारण।

जिस वायरस के कारण डेंगू होता है। उसे डेंगू वायरस कहते हैं। जिसको डीएनबी भी कहा जाता है। जिसके चार डीइएनबी सिरोटाइप है जिसके किसी भी वैरीअंट से हुए संक्रमण को डेंगू वायरस कहते हैं। डेंगू वायरस फ्लेविवर्ड फैमिली का एक मुख्य वायरस है। एक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम 4 बार डेंगू से संक्रमित हो सकता है।

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यदि किसी व्यक्ति को एक बार डेंगू हो गया है। तो उसको डेंगू के प्रति इम्यूनिटी बन जाती है फिर भी व्यक्ति को डेंगू होने का खतरा बना रहता है। यह मच्छर खास तौर पर दिन में काटता है। और पानी जो कि साफ पानी पुराना है। भरा वाला पानी में होता है। एक बार डेंगू होने पर डेंगू के लक्षण दिखने लगते हैं।

डेंगू के लक्षण।

यदि आपको एक बार डेंगू हो जाए तो आपके शरीर में डेंगू के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। जिसमें खासतौर पर आपके शरीर की प्रक्रिया में बदलाव होना शुरू हो जाते हैं। डेंगू के लक्षण को सामान्यता दो भागों में बांटा गया है। सामान्य डेंगू लक्षण तथा गंभीर डेंगू लक्षण।

डेंगू के लक्षण2

सामान्य डेंगू के लक्षण।

डेंगू के सामान्य लक्षणों की बात की जाए तो यह बुखार के रूप में या शरीर में हुए बदलाव में दिखाई देते हैं। जोकि निम्नलिखित है।

  • तेज सर दर्द होना
  • आंखों के पीछे दर्द होना
  • मांसपेशियों तथा जोड़ों में अत्यधिक दर्द होना
  • घबराहट होना
  • उल्टी होना
  • शरीर में सूजन का होना

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गंभीर डेंगू के लक्षण।

डेंगू होने के बाद तुरंत ही डेंगू के सामान्य लक्षण दिखने लगते हैं। बाद में 3 से 7 दिन के बाद यह गंभीर रूप धारण कर लेता है। जिसमें मरीज बहुत क्रिटिकल कंडीशन में पहुंच जाता है। गंभीर डेंगू के लक्षण निम्नलिखित हैं।

  • बार बार उल्टी का होना
  • प्लेटलेट्स काउंट का अचानक से गिर जाना
  • सांस का फूलना
  • धड़कन का तेज होना
  • शरीर के अंगों से खून आना
  • काली टट्टी आना
  • बेचैनी होना
  • मल में खून आना
  • उल्टी के साथ खून आना

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डेंगू वायरस का फैलाव।

सामान्यता डेंगू का फैलाव 2 तरह से होता। है जिसमें मच्छर से मानव में फैलाव तथा मानव से मच्छर में फैलाव इसको विस्तार से निम्नलिखित दर्शाया गया है।

मच्छर से मानव में फैलाव

मच्छर से मानव में फैलाव मच्छर से इंसान में संक्रमण को दर्शाता है। यह वायरस संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलता है जिसका मुख्य रूप एडिज एइजिप्शि मच्छर है। जिसकी कुछ अलग प्रजातियां भी पाई जाती हैं। यह सीधे तौर पर हमारे घरों और बाहर जमा पानी में जन्म लेता है। और इंसान इसका होस्ट बन जाता है। एक बार डेंगू होने पर डेंगू के लक्षण दिखने लगते हैं।

डेंगू के लक्षण4

मानव से मच्छर में फैलाव

मानव से मच्छरों में फैलाव में यदि कोई व्यक्ति डेंगू से ग्रस्त है और उससे मच्छर संक्रमित होता है तो इसको मानव से मच्छर में फैलाव कहते हैं जोकि डीएनबी संक्रमण कहलाता है। इस संक्रमण को रोकने के लिए बहुत सारे प्रोग्राम तथा सफाई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। जो कि सरकार द्वारा या मुंशी पार्टी द्वारा चलाए जाते हैं। जिसमें कीटनाशक तथा खाली जलभराव को बंद किया जाता है। और दवाई का छिड़काव किया जाता है।

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डेंगू संक्रमण से बचाव के उपाय।

डेंगू से बचने के लिए सबसे बेहतर उपाय यही है। कि ज्यादा से ज्यादा मच्छरों से बचा जाए। और घरों या घर के बाहर जलभराव ना होने दिया जाए। खास तौर पर दिन में काटने वाले मच्छरों से बचा जाए मच्छरों को भगाने वाली कीटनाशक तथा धुए का उपयोग भी कर सकते हैं। यदि किसी कस्बे या इलाके में डेंगू फैलता है। तो इसकी सूचना तुरंत ही मुंशी पार्टी या नगर निगम को दी जाए।

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जिससे उक्त जगह पर साफ सफाई तथा मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव किया जा सके। यदि डेंगू का प्रकोप ज्यादा फैल रहा है तो इसके कार्यक्रम चलाए जाते हैं। जिसको स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किया जाता है। जिसमें समय-समय पर डेंगू से बचने के तरीके तथा इलाज के तरीके बताए जाते हैं।

डेंगू के टेस्ट।

डेंगू के लक्षण दिखने के बाद डेंगू की जांच के लिए संक्रमित व्यक्ति के शरीर से कुछ रक्त लिया जाता है। जिसको बाद में लेबोरेटरी में भेजा जाता है। उक्त व्यक्ति के रक्त पर कुछ टेस्ट लगाए जाते हैं। जिसमें खासतौर पर वायरोलॉजिकल टेस्ट तथा सेरोलॉजिकल टेस्ट किए जाते हैं।

वायरोलॉजिकल जाँच।

शुरुआती लक्षण दिखने पर बायोलॉजिकल जांच के लिए संक्रमित व्यक्ति के खून से संक्रमण को अलग करके आरटी पीसीआर टेस्ट लगाया जाता है। जो कि एक सिंपल किट के द्वारा लगाया जाता है। जिसमें कुछ इंडिकेशन दिखाई देते हैं। जो तय करते हैं कि व्यक्ति पॉजिटिव है या नेगेटिव।

सेरोलॉजिकल जाँच।

सेरोलॉजिकल टेस्ट लगाने के लिए व्यक्ति के खून से एंजाइम को अलग किया जाता है। जिसको एलिसा जांच भी कहते हैं यह जांच पिछले हुए संक्रमण की भी पुष्टि कर देता है।

डेंगू के लक्षण3

डेंगू का उपचार या इलाज।

डेंगू के संक्रमण का कोई खास या विशिष्ट इलाज नहीं है। इसके सिर्फ डेंगू के लक्षण का इलाज किया जाता है। जिसमें बुखार आना सर दर्द होना बदन दर्द होना जोड़ों का दर्द होना का इलाज होता है। डेंगू के संक्रमण में रक्त की प्लेटलेट्स बहुत तेजी से कम होने लगती हैं। जो कि एक आम बात है इसके इलाज इलाज के लिए एन एस ए आई डी एस दवाइयों का उपयोग नहीं किया जाता क्योंकि यह दवाइयां रक्त को पतला करती हैं और शरीर की रासायनिक प्रक्रिया में बदलाव कर देती हैं।

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इसके इलाज के लिए खास तौर पर लीवर को मजबूत करने वाली दवाई दी जाती हैं। जिसमें कैरीका पपाया का जूस दिया जाता है। जोकि बाजार में कैरीफिट नाम से आती है। इसके इलाज के लिए वैक्सीन भी आती हैं। जिसको कुछ देशों ने अप्रूवल दे दिया है।

डेंगू के घरेलु उपचार।

डेंगू के लक्षण जो शुरुआत में आते हैं। उसके लिए आप कुछ घरेलू उपचार भी कर सकते हैं। जिसमें गिलोय का जूस या अन्य किसी फल का जूस पीना डेंगू में फायदेमंद होता है। साथ ही साथ बकरी का दूध या नारियल पानी पीना भी स्वास्थ्य के लिए और डेंगू मी कम हुई प्लेटलेट्स को बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके साथ साथ दूध के साथ रोटी का सेवन डेंगू में फायदेमंद साबित होता है। यदि आपको डेंगू के लक्षण आते हैं। तो घरेलू उपचारों से बचें और तुरंत ही चिकित्सक को दिखाएं यदि आपको डेंगू संक्रमण हो जाता है तो हल्के भोजन का सेवन करें। जिससे आपके लीवर पर ज्यादा प्रभाव ना पड़े।

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पूछे जाने बाले प्रश्न

प्रश्न- डेंगू में प्लेटलेट्स कितना होना चाहिए?

उत्तर- यदि किसी व्यक्ति को डेंगू की पुष्टि हो जाती है तो ज्यादा चांसेस रहते हैं। कि उस व्यक्ति की प्लेटलेट्स काउंट गिर जाती हैं। ऐसे में चिकित्सक की सलाह लेना अवश्य है। डेंगू में 20,000 से नीचे प्लेटलेट चली जाए तो यह घातक साबित होता है। 20000 से ऊपर की प्लेटलेट्स सही मानी जाती हैं।

प्रश्न- डेंगू का मच्छर कब काटता है?

उत्तर- डेंगू का मच्छर ज्यादातर दिन के समय में काटता है। जो कि 4:00 से 6:00 के बीच दिन में होता है। यदि आपके घर में दिन में अंधेरा रहता है। या किसी ऑफिस में आप काम करते हैं। जिसमें अंधेरा रहता है। उसमें डेंगू मच्छर होने के ज्यादा चांसेस रहते हैं। यदि आपके घर में या घर के पास जलभराव होता है। तू भी यह डेंगू का कारण बनता है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में वास करता है।

प्रश्न- डेंगू रोग के लक्षण व उपचार क्या है?

उत्तर- गंभीर डेंगू के लक्षण ज्यादातर पेट में दर्द पूरे बदन में दर्द तथा हड्डियों और जोड़ों में दर्द होता है। और बुखार का कारण भी बनता है। इसका कोई विशिष्ट उपचार नहीं है इसके खाली लक्षणों का इलाज किया जाता है। जिसमें अंगों से खून बहना शामिल है। और बुखार होता है। इसके उपचार के लिए कैरीका पपाया का जूस दिया जाता है। तथा लीवर मजबूत करने वाली दवाई दी जाती हैं। यदि किसी व्यक्ति को डेंगू की पुष्टि होती है। तो उसको तुरंत चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।

प्रश्न- डेंगू के मरीज को क्या खाना चाहिए?

उत्तर- यदि किसी व्यक्ति को डेंगू संक्रमण की पुष्टि हो जाती है। तो उसको हमेशा हल्का भोजन लेना चाहिए। जो आसानी से पच सके तथा पाचन क्रिया सही हो सके। ऐसे भोजन से बचा जाए जिस अपच की समस्या बनती है। ऐसे भोजन लिवर को नुकसान करते हैं।

प्रश्न- कौन से फल प्लेटलेट्स बढ़ते हैं?

उत्तर- यदि किसी व्यक्ति को डेंगू के लक्षण देखने के बाद प्लेटलेट्स काउंट कम होती है। तो प्लेटलेट्स को बढ़ाने के लिए कीवी या चाइना फल जिसको ड्रैगन फल भी कहते हैं। साथ ही साथ नारियल पानी और कैरीका पपाया पत्ती का जूस प्लेटलेट्स को बढ़ाने में मदद करता है।

प्रश्न- क्या डेंगू में नहाना चाहिए?

उत्तर- जिस व्यक्ति को डेंगू होने की पुष्टि हो जाती है। तो उसको तुरंत चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए। और उनके बताए अनुसार ही कार्य करना चाहिए यदि व्यक्ति की हालत नहाने की नहीं है। तो बिना नहाए पूर्ण उपचार होने के बाद व्यक्ति स्नान कर सकता है।

प्रश्न- क्या डेंगू में चावल खा सकते हैं?

उत्तर- डेंगू के मरीज को हल्का भोजन दिया जाता है। जिससे उसका पाचन अच्छे से हो सके। और जल्द से जल्द शरीर में ताकत आ सके। ऐसे में चावल का सेवन दुरुस्त है। आप चावल की भदडी खिचड़ी बना कर खा सकते हैं। ज्यादा टाइट चावल ना खाएं पतला भोजन डेंगू में ज्यादा फायदेमंद होता है।

प्रश्न- क्या डेंगू खुद ठीक हो जाता है?

उत्तर- डेंगू का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है सिर्फ डेंगू के लक्षण का इलाज किया जाता है। यदि आपको डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं। तो तुरंत ही चिकित्सक से सलाह लें। खुद से इसका उपचार ना करें डेंगू खुद भी ठीक हो जाता है। लेकिन इसके बेहतर उपचार के लिए चिकित्सक को अवश्य दिखाएं।

प्रश्न- मैं डेंगू से तेजी से कैसे ठीक हो सकता हूं?

उत्तर- डेंगू में तेजी से ठीक होने के लिए संपूर्ण भोजन का उपभोग करें। जिससे शरीर में जल्द से जल्द ताकत बन सके। और डेंगू का कोई खास इलाज नहीं होता है। डेंगू के लक्षण का इलाज किया जाता है। जिसमें बुखार बदन में दर्द जैसी चीजों की दवाई दी जाती है। खास तौर पर लीवर को मजबूत करने वाली दवाइयां डेंगू के इलाज के लिए दी जाती है।

प्रश्न- डेंगू का पता कैसे लगाएं?

उत्तर- आपके आसपास यदि डेंगू के मरीज दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं। और आप भी बुखार शरीर में थकान जोड़ों में दर्द सर में दर्द या शरीर के किसी भी अंग से खून आ रहा है तो आप डेंगू का आरटी पीसीआर टेस्ट करा सकते हैं। इससे आपको डेंगू है या नहीं इसकी पुष्टि हो जाती है।

प्रश्न- डेंगू में कौन सी दवाई लेनी चाहिए?

उत्तर- डेंगू के लक्षण आने के बाद डेंगू की जांच कराई जाती है। यदि जांच में पुष्टि हो जाती है तो डेंगू के लक्षणों का इलाज किया जाता है। जिसमें तेज बुखार सर दर्द बदन दर्द जोड़ों का दर्द अंगों से खून बहना इन सब का इलाज किया जाता है। जिसके लिए कोई खास दवा नहीं है। सिर्फ बस कुछ एंटीबायोटिक्स तथा लीवर की दवाइयां चलती है। साथ ही साथ प्लेटलेट्स को बढ़ाने वाली दवाइयां जैसे कैरिपिल दी जाती है।

निष्कर्ष

दोस्तों। इस लेख डेंगू के लक्षण में हमने डेंगू के बारे में विस्तार से जाना। इसके साथ साथ इसके उपचार और वचाव को भी जाना। आशा करता हूँ। यह लेख आपको अच्छा लगा होगा। इस लेख से सम्बंधित आपका कोई प्रश्न या सुझाव हो। तो निःसंकोच हमसे संपर्क करें। ज्यादा जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया एकाउंट्स को लाइक और फॉलो करें। धन्यबाद।

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