D Pharma kya hai? College of D Pharma and syllabus

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D Pharma kya hai (डी फार्मा क्या है)

स्वागत है। आपका सॉल्यूशन डैडी प्लेटफार्म पर। यहां आपको मिलेगी हर तरह के टॉपिक्स पर लेख। और आज हम D Pharma kya hai और इसके कोर्स के बारे में चर्चा करेंगे। आज हम इस लेख में जानेंगे। D pharma कौन कर सकता है। D Pharma करने के लिए किन विषयों अवश्यता पड़ती है। D Pharma का स्कोप क्या है। D Pharma के बाद हम क्या कर सकते हैं भारत में D Pharma के कौन कौन से कॉलेज हैं। D Pharma करने के लिए कौन सा exam देना पड़ता है। D Pharma kya hai इसके बाद कौन सी job मिलती है। D Pharma सैलरी कितनी मिलती है। इत्यादि।

परिचय (Introduction)

दोस्तों अभी हमने जाना D Pharma kya hai. D Pharma एक प्रोफेशनल कोर्स है। जो दो वर्ष का होता है। इस कोर्स के अंतर्गत हम दवाइयों के विज्ञान के बारे में पढ़ते हैं जिसमे इसके उत्पादन,निर्माण,दवाई का मानव शरीर पर प्रभाव ,इसकी डोज,और रख रखाव के बारे में सीखने को मिलता है। जिसको पूरा करने के बाद आप एक फार्मासिस्ट कहलाते हैं। फार्मासिस्ट को हिंदी में भेषज कहते हैं और फार्मेसी साइंस को भीसद विज्ञान कहते हैं। D Pharma की फुल फॉर्म diploma in pharmacy (डिप्लोमा इन फार्मेसी) होती है। इस कोर्स को कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में कर सकता है। इस कोर्स को करने के लिए किसी भी प्रकार की उम्र सीमा नहीं है। चूंकि यह एक प्रोफेशनल कोर्स और विज्ञान से जुड़ा है इसलिए इसकी कुछ अहर्ताएं (eligibility) हैं।

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अहर्ताएं (Eligibility of D Pharma)

D Pharma कोर्स को करने के लिए आपको प्रवेश परीक्षा (entrance exam) देनी होती हैं। यह परीक्षा अलग अलग राज्यों में अलग अलग होती है जैसे उत्तर प्रदेश में इस कोर्स को करने के लिए पॉलिटेक्निक (polytechnic) का एग्जाम देना होता है। जिसकी वेबसाइट www.jeecup.admissions.nic.in है। इस एग्जाम को देने के लिए आपको 12th (intermediate) साइंस सब्जेक्ट (फिजिक्स,केमिस्ट्री और बायोलॉजी या मैथ) से कम से कम 50 फीसदी नम्बर से उत्तीर्ण होना आवश्य है। अन्यथा आप इस एग्जाम को नहीं दे सकते। इस एग्जाम की फीस 1500 सौ रुपए है जो कोटे के हिसाब से अलग अलग भी हो सकती है जिसमे दिव्यांग आरक्षण, महिला आरक्षण, तथा पिछड़ी जाति आरक्षण शामिल है। इसके और अलग राज्यों की प्रवेश परीक्षाएं निम्नलिखित हैं। जिनकी अहर्ताएं अलग हो सकती हैं। आप D pharma kya hai लेख पढ़ रहे हैं

  • Delhi CET (Delhi Common Entrance Test)
  • Goa CET (Goa Common Entrance Test)
  • Gujrat CET (Gujarat Common Entrance Test)
  • KCET (Karnataka Common Entrance Test)
  • UKSEE (Uttarakhand State Entrance Exam)
  • UPSEE (Uttar Pradesh State Entrance Exam)
  • WBJEE (West Bengal Joint Entrance Examination)
  • CGPPHT (Chhattisgarh Pre Pharmacy Test)
  • PTU (Punjab Technical University)

डी फार्मा की फीस (Fees of D Pharma)

डी फार्मा कोर्स की फीस इसके संस्थानों के हिसाव से अलग अलग हो सकती है। जैसे सरकारी कॉलेज की फीस कम वहीँ प्राइवेट यूनिवर्सिटी या कॉलेज की फीस सरकारी संसथान से अत्यधिक होगी। सरकारी संसथान की फीस लगभग 30000 से 40000 और प्राइवेट कॉलेज की फीस 80000 से 100000 रूपये प्रति वर्ष पड़ती है।दोनो ही संस्थानों प्राइवेट और सरकारी में स्कॉलरशिप या छात्रवृत्ति सरकार द्वारा मिलती है। जिसके लिए आपको सेंट्रल सरकार या स्टेट सरकार का छात्रवृत्ति का फार्म भरना पड़ता है। जिसमे आय प्रमाणपत्र के आधार पर आपको छात्रवृत्ति मिलती है। अब आप काफी हद तक जान गए होंगे D Pharma kya hai.

डी फार्मा सिलेबस (Syllabus Of D Pharma)

जब आपको किसी संस्थान में डी फार्मा कोर्स के लिए प्रवेश मिल जाता है। तो आपको फार्मेसी से रिलेटेड विषयों को पढ़ना पड़ता है। जो आपको दो वर्षों में पूर्ण करना होता है। डी फार्मा का सिलेबस दो वर्षों में अलग अलग विषयों के आधार पर वटा हुआ है। जो निम्न लिखित है।

प्रथम वर्ष

  • Human Anatomy And Physiology
  • Pharmaceutical chemistry
  • Medicine 1
  • Pharmacognosy
  • Pharmacology 1
  • Pharmaceutics 1
  • Biochemistry
  • Community Pharmacy

द्वितीय वर्ष

  • Pharmaceutics 2
  • Pharmacology 2
  • Hospital Pharmacy
  • Jurisprudence
  • Management

फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन (Registration Of Pharmacist)

अब तक अपने जाना D Pharma Kya Hai. जब आप दो वर्ष का डी फार्मा कोर्स उत्तीर्ण कर लेते हैं। उसके बाद आपको फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया या स्टेट फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया में रजिस्ट्रेशन कराना होता है उसके बाद ही आप एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट कहलाते हैं। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कुछ शर्तें है। पहली शर्त अपने जिस कॉलेज से D pharma का कोर्स कंप्लीट किया है वह कॉलेज, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) से अप्रूव्ड होना चाहिए। दूसरी शर्त D Pharma कंप्लीट होने के बाद आपको तीन महीने हॉस्पिटल ट्रेनिंग करना आवश्यक है। जिसका प्रमाणपत्र आपको देना होगा। उसके बाद आपके सारे दस्तावेज त्रुटि मुक्त होना आवश्यक है। यह सब पूरा होने के बाद आपका रजिस्ट्रेशन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया में सफलतापूर्वक हो जायेगा।

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स्कोप ऑफ फार्मेसी (Scope Of Pharmacy)

डी फार्मा कंप्लीट कर चुके कैंडिडेट्स काफी सारे क्षेत्रों में काम कर सकते जिनमे अस्पताल, रिसर्च सेंटर, ड्रग मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल,मार्केटिंग, फार्माको विजिलेंस, और अलग बहुत से क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान कर सकते हैं। रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट विदेशों में भी अपनी सेवाएं देते हैं।जिनमे ज्यादातर मैन्युफैक्चरिंग और हॉस्पिटल से संबंधित सेवाएं हैं। जिसके बदले विदेशों काफी अच्छी सैलरी मिलती है। डी फार्मा कंप्लीट होने बाद कैंडिडेट बी फार्मा और उसके बाद एम फार्मा भी कर सकते हैं जिसके बाद सेवाएं देने के लिए और भी बहुत सारे क्षेत्र खुल जाते हैं। इसके अलावा एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट अपनी खुद की मेडिकल शॉप भी खोल सकता है इस कोर्स को करके आप 20000-50000 रुपये तक की जॉब कर सकते हैं  दोस्तो अभी हम जाना स्कोप ऑफ फार्मेसी आप D Pharma Kya Hai लेख पढ़ रहे हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों हमने जाना D pharma kya hai. और इसके क्या क्या लाभ हैं। आशा करता हूँ आपको इस लेख को पढ़कर डी फार्मा को समझने में बहुत आसानी हुई होगी इस लेख में ब्रीफ में डी फार्मा के बारे में समझाया गया है। यदि इस लेख से सम्बंधित आपका कोई प्रश्न हो या कोई सुझाव हो तो हमसे संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने की जानकारी contact us पेज में है। अत्यधिक जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करें।

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