कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण। कैंसर का No1 Final इलाज।

कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण और इलाज

कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण जानेंगे। नमस्कार दोस्तों स्वागत है। आपका solutiondaddy प्लेटफार्म पर और आज हम बात करेंगे। एक ऐसी बीमारी के बारे में जो भारत में बहुत तेजी से पनप रही है। और उसको हम कैंसर के नाम से जानते हैं। आज जानेंगे इस लेख में।

  • कैंसर क्या है?
  • कैंसर कैसे होता है?
  • कैंसर के लक्षण?
  • कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण?
  • क्या कैंसर का इलाज संभव है?
  • निष्कर्ष।

कैंसर क्या है? ( What is Cancer ? )

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। कैंसर को कर्क रोग से भी संबोधित किया जाता है। कैंसर को हम ऐसे समझ सकते हैं। जब भी हमारे शरीर में अव्यवस्तिथ तरीके प्रोटीन या टिश्यू बनने लगते हैं। तो इसको हम कैंसर या कर्क रोग के नाम से जानते हैं। अगर कैंसर को शुरुआत में पकड़ लिया जाये। तो इसका इलाज संभव है। कैंसर रोग में ट्यूमर और गाँठ जैसी संरचनाएं हमारे शरीर में बनने लगती हैं। जो अगर शरीर के बहार दिखती हैं। तो इनको आसानी से पकड़ा जा सकता है। और शुरुआत में ही इनका इलाज हो जाता है। अन्यथा शरीर के अन्दर गांठ जैसी संरचनाएं बनती हैं। तो इनको देखना मुश्किल होता है। और यह जब बड़ी होती हैं। तो इनको कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण के तौर पर देखा जा सकता है। जिसका इलाज़ संभव नहीं होता है। मानव शरीर में कई प्रकार के कैंसर होते हैं। जो निम्न लिखित हैं।

ब्रेन कैंसर- ब्रेन कैंसर में दिमाग में या सर में एक गांठ नुमा संरंचना बननी शुरू हो जाती है। जिसका पता शुरुआती स्टेज में नहीं लगता और यह एक विकराल रूप धारण कर लेता है। शुरुआती स्टेज में इस कैंसर का इलाज संभव है।

ब्लड कैंसर- ब्लड कैंसर में रुधिर कड़ीकायं अनियमित तरीके से बढ़ने लगती हैं। और खून के थक्के बनने लगते है।

प्रोस्टेट कैंसर-इसको हम गदूद के कैंसर के नाम से भी जानते हैं। इसमें पुरुषो में प्रोस्टेट का साइज़ अनियमित तरीके बढ़ता है। और यह मूत्र मार्ग को बंद कर देता है। जिस कारण मरीज को असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ता है।

ब्रेस्ट कैंसर- यह कैंसर खास तौर से स्त्रियों में होता है। इस कैंसर में स्त्री की मम्मैरी ग्लैंड का साइज़ बढ़ जाता है। और यह ग्लैंड ठोस हो जाती है।

लंग कैंसर-यह कैंसर ज्यादातर चैन स्मोकर्स को होता है। इस कैंसर फेफड़ों की अल्वोली ब्लाक हो जाती हैं। जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है।

पैंक्रियाटिक कैंसर-यह कैंसर पैंक्रियास में होता है। जिसमे एंजाइम इम्बैलेंस हो जाते हैं। जो असहनीय पीड़ा देते हैं। जिसमे लाइपेज और अमाईलेज़ एंजाइम शामिल हैं।

सर्वाइकल कैंसर- यह कैंसर महिलाओं में होता है। स्तन कैंसर के बाद सवसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर या बच्चेदानी के कैंसर के मरीज भारत में बढ़ रहे हैं। इस कैंसर बच्चेदानी में गांठें बन जाती हैं।

स्किन कैंसर- स्किन कैंसर या त्वचा के कैंसर में स्किन पर अनियमित रूप से तिल और मस्से निकलमा शुरू हो जाते हैं।

कैंसर कैसे होता है?

मानव शरीर में किन्ही कारणों से जब हमारा शरीर गलत और अनियमित प्रोटीन बनाना शुरू करता है। तो यह कैंसर का कारण बनता है। मानव शरीर में कैंसर बहुत सारे कारणों से बनता है। मानव शरीर पर अगर विकिरण या रेडिएशन का प्रकोप हो जाये, या अन्य केमिकल और जहरीले पदार्थों से कैंसर बनने का खतरा रहता है। जिसमे धुम्रपान गुटखा पान मसाला और तंबाकू का सेवन शामिल है। जो मरीज को कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण तक ले जाता है।

कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण संभव इलाज

कैंसर के शुरूआती और कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण

कैंसर के शुरुआती लक्षण ज्यादा पकड़ में नहीं आते हैं। हा अगर यह कैंसर त्वचा या शरीर की सतह पर बन रहा है। तो यह आसानी से पकड़ में आ जाता है। कैंसर के शुरुआती लक्षण न के बराबर होते है। जैसे कोई दाना बन जाना खुजली होना इत्यादि। जैसे जैसे कैंसर बढता है। यह तकलीफ देना शुरू कर देता है। और जैसे ही यह कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण में पहुचता है। उसके बाद मरीज में बहुत सारे लक्षण दिखाई देते हैं। जो निम्न लिखित हैं।

असहनीय दर्द  कैंसर या ट्यूमर के कारण शरीर में बहुत बदलाव होते हैं। और इस ट्यूमर की वजह से शरीर के अन्य अंगों पर दवाव पड़ता है। जिससे बहुत तेज दर्द होता है। और ट्यूमर विषाक्त रसायन निकलते है। जो दर्द का कारण बनते हैं। अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं। क्या कैंसर की गांठ में दर्द होता है। यह दर्द विषाक्त रसायन की वजह से होता है।

भूख में कमी – जैसे जैसे यह ट्यूमर बढ़ता जाता है। मरीज को भूख की कमी होने लगती है। चूँकि मरीज पहले से ही दर्द से जूझ रहा होता है इसलिए उसको भूख की कमी हो जाती है।

थकान और उलटी होना– कैंसर से पीड़ित मरीज को उलटी और थकान के लक्षण होने लगते हैं। चूँकि मरीज पहले से ही खाना कम कर देता है। जिससे उसका शरीर कमजोर हो जाता है। और थकान होने लगती कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण में पहुचते ही मरीज ज्यादा टाइम बेड पर ही रहता है।

क्या कैंसर का इलाज संभव है

यदि कैंसर को शुरुआती स्टेज में ही पकड़ लिया जाये तो इसका इलाज हो जाता है। कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण आते आते मरीज कमजोर हो जाता है। और उसको बचा पाना मुश्किल हो जाता है। कैंसर के इलाज के लिए हम कीमो थेरेपी का सहारा लेते हैं। कीमो थेरेपी शुरूआती स्टेज या सेकंड स्टेज में ही संभव है। कीमो थेरेपी से मरीज के सारे बाल झड जाते हैं। कीमो थेरेपी ही कैंसर की रामबाण दवा है। कीमो थेरेपी से पहले मरीज को बहुत सारी दवाएं खिलानी पड़ती हैं। जिसको एक तंदरूस्त शरीर ही झेल सकता है। कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण के आते ही यह प्रक्रिया आसान नहीं रहती। कैंसर का इलाज सिर्फ हायर सेंटर में ही होता है। जिसमे दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के अस्पताल खास हैं।

निष्कर्ष

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। इससे बचना चाहिए। और धुम्रपान और गुटखा, खैनी से दूर रहना चाहिए। जहाँ विकिरण का खतरा हो उस जगह नहीं जाना चाहिए। कैंसर की लास्ट स्टेज के लक्षण दिखते ही चिकित्सक की सलाह लेना चाहिए। झाड फूक और बाबाओं से बचना चाहिए। दोस्तों। अगर आपका इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो हमसे संपर्क करें। और हमारे सोशल मीडिया एकाउंट्स को लाइक और फॉलो करें।

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