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Adliv Syrup Uses in Hindi – एडलिव जानकारी, लाभ, फायदे, उपयोग, साइड इफेक्ट्स.

Adliv Syrup Uses in Hindi
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परिचय

Adliv Syrup Uses in Hindi, Adliv Syrup एक आयुर्वेदिक लीवर टॉनिक है। इसके अलावा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने बाला लीवर टॉनिक लिव 52 है। जिसको हिमालय कंपनी द्वारा बनाया जाता है। लेकिन आज एडलिव सिरप के बारे में बात करेंगे इसका रिस्पांस कैसा है। इसके साइड इफेक्ट्स क्या क्या हैं। जानेंगे इस लेख Adliv Syrup Uses in Hindi में।

विवरण

Adliv Syrup को अल्बर्ट डेविड कंपनी द्वारा निर्मित किया जाता है। जो कि एक लिवर टॉनिक है। इसका इस्तेमाल लिवर से जुड़ी समस्त बीमारियों में किया जाता है। इसकी कीमत ₹141.47 एमआरपी है। यह ज्यादातर मेडिकल पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसको डॉक्टर के प्रशिक्षण के द्वारा ही दिया जाता है।

एडलिव सिरप में देसी जड़ी बूटियों या आयुर्वेदिक दवाओं का मिश्रण होता है। या यूं कहें एडलिव सिरप एक आयुर्वेदिक दवा है। Adliv Syrup में एंड्रोग्राफिस पैनिकुलता, पिक्रोराइजा कुर्रोआ, एक्लिप्टा अल्बा, फाइलेन्थस निरुरी, टेफ्रोसिया पुरपुरिया और त्रिकटु जैसी हर्बल दवाओं का मिश्रण होता है।

दाद को जड़ से ख़त्म करें। 

दवा का नाम (Drug Name)Adliv Syrup
दवा का प्रकार (Drug Type)आयुर्वेदिक सीरप
रचना (Composition)आयुर्वेदिक मिश्रण
निर्माता (Manufacturer)Albert David Pvt Ltd
उपयोग (Uses)लीवर पर सूजन, फैटी लीवर, टॉक्सिक लीवर इत्यादि।
डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शनआवश्यक नहीं
मूल्य (Price)141.47 MRP

Adliv Syrup Content

भूमि आंवला- एक छोटा पौधा जो आमतौर पर आयुर्वेदिक दवाओं में लिवर के कार्य को सुधार देने के लिए उपयोग किया जाता है। यह एंटीऑक्सिडेंट है और जहरीले पदार्थों से होने वाले नुकसान से लीवर को बचाने में मदद करता है।

कुटकी- एक और जड़ी बूटी जो आमतौर पर लीवर को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल की जाती है। यह लिवर के कार्य को बेहतर बनाने और लिवर में सूजन को कम करने में मदद करती है।

पुनर्नवा- एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट जो लिवर को नुकसान से बचाने और लिवर की फंक्शन में सुधार करने में मदद करता है।

भृंगराज- एक जड़ी-बूटी जो अपने यकृत-सुरक्षात्मक गुणों के लिए जानी जाती है और सदियों से यकृत विकारों के इलाज के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा में उपयोग की जाती रही है।

कालमेघ- इसे एंड्रोग्राफिस पैनिकुलता के नाम से भी जाना जाता है, इस जड़ी बूटी को लिवर की फंक्शन में सुधार करने और लिवर की क्षति से बचाने में मदद करतीहै।

अमलाकी– भारतीय आंवले के रूप में भी जाना जाता है, यह फल एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है और लिवर के कार्य में मदद करतीहै।

गुडुची- एक जड़ी बूटी जो आमतौर पर आयुर्वेदिक दवाओं में लीवर की कार्यप्रणाली में मदद करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जाती है।

नद्यपान जड़- एक जड़ जो आमतौर पर आयुर्वेदिक दवाओं में पाचन तंत्र को शांत करने और यकृत समारोह का सुधार करने के लिए प्रयोग की जाती है।

सिंहपर्णी जड़– एक जड़ जिसका उपयोग अक्सर यकृत के स्वास्थ्य का सुधार करने और पाचन में सुधार करने के लिए किया जाता है।

दूध थीस्ल- एक जड़ी बूटी जो आमतौर पर यकृत के कार्य को सुधार देने और जिगर की क्षति से बचाने के लिए उपयोग की जाती है।

ये जड़ीबूटी लिवर के स्वास्थ्य और कार्यप्रणाली में सहयोग करने के लिए मिलकर काम करते हैं, जहरीले पदार्थों के कारण होने वाले लिवर की क्षति से रक्षा करते हैं, और  पूरे स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती में सुधार करते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि किसी भी हर्बल सप्लीमेंट को लेने या अपने आहार या जीवन शैली में बदलाव करने से पहले व्यक्तियों को हमेशा स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

Adliv Syrup Uses in Hindi

Adliv Syrup का इस्तेमाल वायरल हेपेटाइटिस, नशीली दवाओं से प्रेरित या अल्कोहलिक हेपेटाइटिस, एंटी-ट्यूबरकुलर और मलेरिया-रोधी दवाओं के कारण हेपेटोटॉक्सिसिटी जिगर की बीमारी के कारण भूख कम होने की स्थिति में यह अत्यंत उपयोगी है। एडलिव सिरप एनोरेक्सिया को भी ठीक करता है।

  • लीवर की बीमारियाँ
  • अल्सर
  • मलेरिया
  • डेंगू
  • पीलिया
  • बदहजमी
  • पेट दर्द

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फैटी लीवर क्या है?

शरीर में किसी भी तरह की फैट का जमना अच्छा नहीं होता। जब भी हमारी शरीर में वसा का संचयन होता है। तो यह बहुत सारी बीमारियों को जन्म देता है। फिर वसा का संचयन पूरे शरीर में हो। या किन्ही अंगों पर। लीवर या यकृत हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग है। लीवर भोजन को पचाने में और बॉडी में से जहरीले टोक्सिंस को निकालने में मदद करता है। और ग्लूकोस को संचयित करने में भी लीवर का बहुत बड़ा रोल होता है। Adliv Syrup Uses in Hindi का इस्तेमाल फैटी लीवर में किया जाता है।

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जब भी वसा का संचयन लीवर या यकृत पर होता है। तो इसको फैटी लीवर कहते हैं। फैटी लीवर होने के कारण शरीर में अपच की समस्या और गैस की समस्या हो जाती है। फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा से वेहतर आयुर्वेदिक दवा है।  और इसका उपचार समय से नहीं किया तो हमारा शरीर कई बिमारियों से घिर जाता है। फैटी लीवर दो प्रकार का होता है।

एल्कोहोलिक फैटी लिवर

शरीर के जहरीले पदार्थो को अपवर्तित करने का काम लीवर का होता है। यह बीमारी उन व्यक्तियों  में होती है। जो लोग शराब या मदिरा का सेवन करते हैं। यदि फैटी लिवर होने के बावजूद भी शराब के सेवन जारी रखते हैं। तो आगे चलकर सिरोह्सिस और हेपेटाइटिस का रूप ले लेता है।

नॉन एल्कोहोलिक फैटी लीवर

इस प्रकार का फैटी लीवर शराब पीने से नहीं वल्कि की दिनचर्या और खानपान की वजह से होती है। जो अपने भोजन ज्यादा तेल और घी खाते हैं। और कसरत नहीं करते सिर्फ बैठे रहते हैं। उनको यह बीमारी ज्यादा होती है।

फैटी लीवर के नुकसान

जैसा की आप जानते हैं। हमारा लीवर हमारे शरीर के टोक्सिंस या जहरीले रसायन को हमारे शरीर से बहार निकलने का काम करता है। और यदि फैटी लिवर की वजह से यह काम करना कम कर दे तो हमारे शरीर में बहुत सारी बीमारियाँ घर बना लेती हैं। जिसमे अपच, पेट में जलन, गैस, एसिडिटी, सीने में दर्द, खट्टी डकार, जैसी समस्याएँ हो जाती हैं। और हमारा शरीर सुडौल नहीं रहता। फैटी लिवर का पता चलते ही इसका उपचार कराना चाहिए। फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा नहीं वल्कि आयुर्वेदिक दवा अच्छा काम करती है। Adliv Syrup से फाटी लीवर में बहुत आराम मिलता है।

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फैटी लीवर के लक्षण क्या है?

यदि आपके शरीर में ज्यादा वसा संचयित है। और आपके पाचन में दिक्कत होती है। तो आपको फैटी लिवर हो सकता है। फैटी लीवर अगर ज्यादा समय से है तो आपकी स्किन और ऑंखें पीली हो जाती हैं। फैटी लीवर में आयुर्वेदिक दवा काम करती है फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा अच्छा काम नहीं करती है। फैटी लीवर के लक्षण निम्न हैं। यदि आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो आप Adliv Syrup को इस्तमाल कर सकते हैं।

1उलटी होना।
2गैस और एसिडिटी होना।
3अपच की शिकायत होना।
4सीने में जलन होना।
5थकान होना।
6बजन बढना।

फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा और आयुर्कौवेदिक दवा कौन सी है?

यदि आपको फैटी लीवर है। तो सबसे पहले आप चिकित्सक की सलाह लें खुद से कोई भी दवा का सेवन न करें। जब आप यह समस्या लेकर चिकित्सक (doctor) के पास जाते हैं। तो डॉक्टर कन्फर्म करने के लिए उपरोक्त जांचें लिखते हैं। और यदि यह कन्फर्म हो जाता है। मरीज को फैटी लीवर है। तो वह आपको  फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा या आयुर्वेदिक दवा लिखते हैं। फैटी लीवर की कुछ अंग्रेजी दवाओं के नाम निम्न हैं।

  • Adliv Syrup
  • सिलिमरिन
  • लीवर टॉनिक (लिव 52)
  • Ursodeoxycholic Acid
  • लीवर आयुर्वेदिक टैब

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फैटी लीवर से बचाव।

फैटी लीवर से बचने के लिए अपनी डाइट (खानपान ) को दुरुस्त करें। टाइम से भोजन करें कुछ लोग देर रात को खाना खाते हैं। और उनका भोजन करने का कोई टाइम टेबल नहीं होता। जिस वजह से लीवर की काम करने की शक्ति पर काफी असर पड़ता है। और ज्यादतर लोग शराब या मदिरा का सेवन करते हैं। जिस वजह से फैटी लीवर होने के चांस बढ़ जाते हैं। फैटी लीवर से बचने के लिए भोजन में नमक, मिर्च, तेल, घी, का सेवन कम करें। और मासाहार से परहेज करें। बाहर के बने भोजन के सेवन से बचें। और फ़ास्ट फ़ूड न खाएं। और नियमित व्यायाम करें।

डेक्सोना का क्या उपयोग है

यदि आपको फैटी लीवर से सम्बंधित कोई समस्या है। तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। खुद से किसी भी प्रकार की कोई दवा या बूटी का सेवन न करें। चिकित्सक आपको फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा या आयुर्वेदिक दवाएं परमर्षित कर सकते हैं। और इन दवाओं का सेवन भी चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही करें। अन्यथा आपको शारीरिक क्षति का सामना करना पड सकता है। Adliv Syrup का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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सावधानियां

क्या Adliv Syrup के साथ शराब का सेवन करना सुरक्षित है?

नहीं, Adliv Syrup के साथ शराब का सेवन करना सुरक्षित नहीं है। शराब दवा की कार्यक्षमता को कम कर सकती है और निम्नलिखित समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है: चक्कर, निद्रा, और नियंत्रण की कमी।

क्या गर्भावस्था के दौरान Adliv Syrup का इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

हां, गर्भावस्था के दौरान Adliv Syrup का इस्तेमाल सुरक्षित है। इन दोनों का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए लाभदायक होता है, क्योंकि ये खून की कमी को पूरा करते हैं और भ्रूण के स्वस्थ विकास में मदद करते हैं।

क्या स्तनपान के दौरान Adliv Syrup लेना सुरक्षित है?

हां, स्तनपान के दौरान Adliv Syrup लेना सुरक्षित है। ये दोनों पोषक तत्व महिलाओं के लिए जरूरी होते हैं, खासकर गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान। Adliv Syrup Uses in Hindi में इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

Adliv Syrup का लीवर पर क्या असर होता है?

लीवर के लिए सुरक्षित है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में लेने पर या लीवर की किसी बीमारी के मौजूदगी में, इसके सेवन से लीवर को नुकसान पहुंच सकता है। अगर आपको लीवर से संबंधित कोई समस्या है, तो इस दवा का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह लें।

Adliv Syrup का गुर्दे (किडनी) पर क्या प्रभाव होता है?

सामान्य तौर पर, इन दवाओं का किडनी पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, ओवरडोज के मामले में यह गंभीर बीमारी का कारण वन सकता है या किडनी के कार्य में कमी के मामले में साइड इफेक्ट की संभावना हो सकती है। अगर आपको किडनी से संबंधित कोई समस्या है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

क्या Adliv Syrup का उपयोग करते समय गाड़ी या मशीनरी चलाना सुरक्षित है?

यदि आपको Adliv Syrup का सेवन करने के बाद दुष्प्रभावों के रूप में उनींदापन, चक्कर आना या सिरदर्द का अनुभव होता है, तो गाड़ी या भारी मशीन चलाने से बचें। चिकित्सक से सलाह लें। Adliv Syrup Uses in Hindi में इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

पूछे जाने बाले प्रश्न

प्रश्न- एडलिव सिरप कब लेना चाहिए?

उत्तर- यदि आपको यकृत या लिवर से जुड़ी कोई समस्या है। तो आप Adliv Syrup को इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल नशीली दवाओं तथा एंटीट्यूबरक्लोसिस दवाओं के साथ भी किया जाता है। हेपटोटॉक्सिक हो जाने पर भी एडलिव सिरप का इस्तेमाल किया जाता है। भूख कम होने की स्थिति में भी एडलिव सिरप को उपयोग में लाते हैं। Adliv syrup एनोरेक्सिया को भी ठीक करता है।

प्रश्न- adliv . क्या है?

उत्तर- Adliv Syrup को अल्बर्ट डेविड कंपनी द्वारा निर्मित किया जाता है। जो कि एक लिवर टॉनिक है। इसका इस्तेमाल लिवर से जुड़ी समस्त बीमारियों में किया जाता है। इसकी कीमत ₹129 एमआरपी है।

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निष्कर्ष

दोस्तों। इस लेख Adliv Syrup Uses in Hindi में हमने इसके इस्तेमाल जाने। इसके साथ साथ इसके दुष्प्रभाव और डोज को भी जाना। आशा करता हूँ। यह लेख आपको अच्छा लगा होगा। इस लेख से सम्बंधित आपका कोई प्रश्न या सुझाव हो। तो निःसंकोच हमसे संपर्क करें। ज्यादा जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया एकाउंट्स को लाइक और फॉलो करें। धन्यबाद।

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